✦ऑडियो स्ट्रीमिंग

बिना आवाज़ का रिमोट डेस्कटॉप बस एक स्क्रीन रिकॉर्डिंग है। आपका Mac बजाता है। आपका iPad सुनता है।

Remio आपके होस्ट का सिस्टम ऑडियो कैप्चर करके उसे वीडियो के साथ क़दम से क़दम मिलाकर स्ट्रीम करता है — YouTube, Spotify, कॉल, Logic के मिक्स, सिस्टम अलर्ट। नेटिव कैप्चर, 48 kHz पर Opus, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड, फ़्रेम के स्तर पर लिप-सिंक। AirPods चलते हैं। CarPlay चलता है। ऐसा लगता है जैसे कंप्यूटर इसी कमरे में रखा हो।

Opus
48 kHz · Opus
~22 ms
एंड-टू-एंड देरी
1 फ़्रेम
लिप-सिंक का मेल
E2E
एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड
✦ऑडियो का रास्ता

होस्ट के स्पीकर से लेकर क्लाइंट के AirPods तक।

Remio का ऑडियो पाथ वीडियो पाथ की तरह ही बना है: होस्ट पर नेटिव OS API से कैप्चर, कम लेटेंसी वाले कोडेक से एनकोड, वीडियो वाले ही एन्क्रिप्टेड चैनल पर ट्रांसमिट, और क्लाइंट पर डिकोड करके प्रस्तुत। macOS पर यह सिस्टम Audio Tap इस्तेमाल करता है; Windows पर WASAPI लूपबैक; Linux पर PulseAudio — नेटिव कैप्चर, न वर्चुअल केबल, न कोई सॉफ़्टवेयर मिक्सर। स्पीकर की आवाज़ ऊँची करने पर जो आप सुनते, वही क्लाइंट को मिलता है।

न अलग ऑडियो मोड, न DLNA डिस्कवरी — आवाज़ सेशन का ही हिस्सा है।

Remio के ज़रिए iPhone पर आवाज़ स्ट्रीम होता हुआ एक Mac डेस्कटॉप

नेटिव कैप्चर, Opus, एक एन्क्रिप्टेड चैनल।

होस्ट के स्पीकर आउटपुट और आपके कानों के बीच चार चीज़ें होती हैं — हर एक रीयल-टाइम के लिए ट्यून की गई है, फ़ोन कॉल के लिए नहीं।

नेटिव कैप्चर, वर्चुअल केबल नहीं

macOS Audio Tap और Windows WASAPI लूपबैक वही सब कैप्चर करते हैं जो आउटपुट डिवाइस पर मिक्स होता है। दोनों में से कोई भी वर्चुअल केबल इंस्टॉल नहीं करता, ऐप्स को किसी सॉफ़्टवेयर मिक्सर से नहीं गुज़ारता, और दूसरे ऑडियो सॉफ़्टवेयर को रोकता नहीं। कैप्चर वहीं होता है जहाँ OS आवाज़ को स्पीकर के हवाले करता है।

48 kHz पर Opus

वही कोडेक जिस पर Zoom, Discord और WhatsApp भरोसा करते हैं — कम बिटरेट पर भी उच्च क्वालिटी, लगभग शून्य एल्गोरिदमिक देरी (सेहतमंद नेटवर्क पर एंड-टू-एंड लगभग 22 ms), और पैकेट लॉस से बेहतरीन रिकवरी। संगीत, संवाद और सिस्टम अलर्ट, सब बिल्कुल वैसे ही सुनाई देते हैं जैसे उन्हें सुनाई देना चाहिए।

उसी चैनल पर एन्क्रिप्टेड

ऑडियो फ़्रेम वीडियो वाले ही एन्क्रिप्टेड लिफ़ाफ़े के भीतर चलते हैं — वही सीधा पीयर-टू-पीयर रास्ता, वही एंड-टू-एंड गारंटी। रिले सिर्फ़ अपारदर्शी पैकेट देखता है और उन्हें आगे बढ़ा देता है; बीच में कोई भी यह डिक्रिप्ट नहीं कर सकता कि क्या बज रहा है।

फ़्रेम के साथ सिंक में प्रस्तुति

आवाज़ तस्वीर के साथ सिंक में रहती है। लिप-सिंक एक फ़्रेम के भीतर टिका रहता है, और कई घंटे के सेशन में भी कोई ड्रिफ़्ट नहीं आता।

Remio के ज़रिए होस्ट का स्ट्रीम किया सिस्टम ऑडियो बजाता हुआ एक iPad
✦हर डिवाइस

जो भी आप इस्तेमाल कर रहे हों, उसी से बजे।

क्लाइंट पर, डिकोड हुई आवाज़ सामान्य OS आउटपुट पाइपलाइन को सौंप दी जाती है। AirPods जुड़े हैं? आवाज़ AirPods में जाती है। सेशन के बीच CarPlay पर जाएँ तो आवाज़ साथ चलती है। हेडफ़ोन लगाएँ तो आवाज़ साथ चलती है। रूटिंग Remio के हाथ में नहीं — वह ऑडियो फ़्रेम बनाता है जिन्हें OS वहीं भेजता है जहाँ वह बाक़ी सब कुछ भेजता है। म्यूज़िक स्ट्रीमिंग, वीडियो कॉल, ऑडियो और वीडियो प्रोडक्शन, स्पेशियल संकेतों वाले गेम — आवाज़ के साथ सब चलता है।

स्टीरियो पोज़िशनल संकेत कोडेक के बाद भी बचे रहते हैं — क़दमों की दिशा, हथियार की आवाज़, बैकग्राउंड म्यूज़िक।

✦आप क्या सुन सकते हैं

ऑडियो की ज़रूरत वाले असली वर्कफ़्लो।

ऑडियो रूटिंग के बिना रिमोट डेस्कटॉप ख़ामोश है — यानी जो ऐप्स लोग असल में इस्तेमाल करते हैं, उनमें से आधे बेकार हो जाते हैं। आवाज़ साथ हो तो यह सब चलता है।

म्यूज़िक स्ट्रीमिंग

होस्ट पर Spotify, Apple Music, YouTube Music रीयल-टाइम में iPad के स्पीकर से बजते हैं। मीडिया कीज़ से ट्रैक छोड़ें तो आवाज़ तुरंत बदल जाती है। क्रॉस-फ़ेड और EQ सेटिंग्स बनी रहती हैं, क्योंकि Remio सिस्टम आउटपुट के स्तर पर कैप्चर करता है।

वीडियो कॉल

Zoom, Meet, FaceTime या Teams कॉल का दूसरा सिरा आपके क्लाइंट डिवाइस पर स्ट्रीम होता है। 22 ms की ऑडियो देरी उस 200 ms से काफ़ी नीचे है जहाँ प्रतिभागियों को लेटेंसी महसूस होती है, और उस 80 ms से भी नीचे जहाँ सुनने वाले को इको महसूस होता है। लिप-सिंक फ़्रेम के स्तर पर टिका रहता है।

ऑडियो & वीडियो प्रोडक्शन

मिक्स टाइमलाइन के साथ सिंक में आपके क्लाइंट के हेडफ़ोन पर बजते हैं। प्लेहेड घसीटें तो आवाज़ भी साथ-साथ स्क्रब होती है; सोलो और म्यूट तुरंत होते हैं। प्ले-बैक हो रही आवाज़ पर एडिटिंग और मिक्सिंग के लिए 22 ms की देरी सहनीय सीमा में है।

गेम

स्टीरियो पोज़िशनल संकेत कोडेक के बाद भी बचे रहते हैं — क़दमों की दिशा, हथियार की आवाज़ और बैकग्राउंड म्यूज़िक क्लाइंट तक वही स्पेशियल पहचान लेकर पहुँचते हैं जो होस्ट पर थी। गेम की आवाज़ में मिला Discord वॉइस चैट भी साथ ही कैप्चर होकर स्ट्रीम होता है।

✦प्राइवेसी

ऐसी आवाज़ जो बीच में कोई नहीं सुन सकता।

जो रिमोट डेस्कटॉप बिना एन्क्रिप्शन के ऑडियो स्ट्रीम करता है, वह आप क्या सुन रहे हैं यह बीच के हर पड़ाव के साथ साझा कर रहा होता है। Remio का ऑडियो पाथ वीडियो स्ट्रीम वाली ही कुंजियों से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है।

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड, हमेशा

ऑडियो फ़्रेम वीडियो फ़्रेम वाले ही लिफ़ाफ़े के भीतर एन्क्रिप्ट होते हैं। कुंजियाँ हर बार कनेक्ट होने पर आपके दोनों डिवाइसों के बीच सीधे तय होती हैं। कोई तीसरा पक्ष वे कुंजियाँ कभी अपने पास नहीं रखता।

रिले को सिर्फ़ एन्क्रिप्टेड बाइट दिखते हैं

जब सीधा पीयर-टू-पीयर रास्ता बंद हो और Remio रिले पर लौट आए, तब भी सिर्फ़ एन्क्रिप्टेड पैकेट उससे गुज़रते हैं। रिले बाइट आगे भेज देता है, उसे कभी पता नहीं चलता कि उनमें ऑडियो है, वीडियो या इनपुट। आपके दो पेयर किए गए डिवाइसों के बाहर कहीं भी ऑडियो डिक्रिप्ट नहीं होता।

✦सवाल

Remio में ऑडियो को लेकर आम सवाल

पाँच सवाल जो लोग अपना वर्कफ़्लो रिमोट-डेस्कटॉप ऑडियो के भरोसे छोड़ने से पहले पूछते हैं।

क्या Remio डिफ़ॉल्ट रूप से स्क्रीन के साथ ऑडियो भी स्ट्रीम करता है?
हाँ। हर Remio सेशन में एक ऑडियो चैनल शामिल होता है जो वीडियो स्ट्रीम के साथ अपने-आप खुल जाता है। न चालू करने की कोई सेटिंग, न कोई अलग ऐप, न DLNA डिस्कवरी। होस्ट जो कुछ भी बजा रहा हो, वह वीडियो के साथ सिंक में क्लाइंट के स्पीकर पर पहुँचता है।
Remio कौन-सा ऑडियो कोडेक इस्तेमाल करता है?
48 kHz पर Opus, 64 kbps तक, नेटवर्क के हिसाब से ढलता हुआ। Opus वही कोडेक है जो Zoom, WhatsApp और Discord इस्तेमाल करते हैं — कम बिटरेट पर उच्च क्वालिटी, सेहतमंद नेटवर्क पर एंड-टू-एंड लगभग 22 ms की देरी, और पैकेट लॉस के सामने बेहतरीन मज़बूती।
फ़िल्म में आगे-पीछे करने पर क्या आवाज़ वीडियो के साथ सिंक में रहेगी?
हाँ। Remio क्लाइंट पर आवाज़ और वीडियो को सिंक में रखता है। YouTube वीडियो में आगे-पीछे जाना, Logic Pro में प्लेहेड घसीटना, या Final Cut की टाइमलाइन पर alt-क्लिक करके चलना — सब में आवाज़ और वीडियो एक फ़्रेम के भीतर मेल में रहते हैं। लंबे सेशनों में भी आवाज़ में कोई ड्रिफ़्ट नहीं आता।
क्या आवाज़ AirPods या Bluetooth हेडफ़ोन में जाएगी?
हाँ। आवाज़ उसी में बजती है जिसमें क्लाइंट डिवाइस अभी रूट कर रहा हो — बिल्ट-इन स्पीकर, AirPods, AirPods Pro, USB-C हेडफ़ोन, Bluetooth स्पीकर, CarPlay। होस्ट को पता ही नहीं होता कि क्लाइंट का आउटपुट डिवाइस कौन-सा है; वह बस एनकोड की हुई Opus स्ट्रीम भेजता है, और क्लाइंट उसे OS की सामान्य ऑडियो रूटिंग पाइपलाइन को सौंप देता है।
क्या मैं कम-लेटेंसी मॉनिटरिंग वाले म्यूज़िक प्रोडक्शन के लिए Remio इस्तेमाल कर सकता हूँ?
प्ले-बैक की मॉनिटरिंग के लिए, हाँ — Opus की एल्गोरिदमिक देरी (एंड-टू-एंड लगभग 22 ms) उस सीमा के काफ़ी भीतर है जिसे ज़्यादातर प्रोड्यूसर सामान्य मिक्सिंग के लिए सह लेते हैं। Remio क्लाइंट के माइक्रोफ़ोन को होस्ट की प्लगइन चेन में नहीं भेजता, इसलिए यह रीयल-टाइम ट्रैकिंग के लिए नहीं बना है। प्ले-बैक हो रही आवाज़ पर एडिटिंग, मिक्सिंग और दूर से छोटे-मोटे बदलाव के लिए Remio बख़ूबी काम करता है।
Remio ऐप आइकन

ऐसी आवाज़ जो आप सचमुच सुन सकें।

होस्ट पर नेटिव कैप्चर, Opus कोडेक, एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड, फ़्रेम के स्तर पर लिप-सिंक — न दूसरा ऐप, न वर्चुअल केबल, न Bluetooth की उठा-पटक। कंप्यूटर बजाता है; फ़ोन सुनता है। मुफ़्त, बिना अकाउंट, बिना कार्ड।

इस्तेमाल मुफ़्तअकाउंट नहीं चाहिएहर सेशन में आवाज़